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राम मंदिर में चंदा चोरी महज बानगी, ताकतवर लोगों को बचाने की हो रही कोशिश: केजरीवाल

पणजी: आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या के राम मंदिर को मिले चंदे में कथित गबन को महज बानगी करार दिया और दावा किया कि इस पूरे मामले में संलिप्त ताकतवर लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। केजरीवाल ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंदिर को मिले दान की कथित चोरी की जारी जांच पर भी सवाल उठाए।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर में भक्तों आभूषण, चांदी की ईंटें, नकदी और सहित अन्य कीमती सामान चढ़ाए थे, जो चोरी हो गईं।
उन्होंने मंदिर ट्रस्ट से जुड़े भूमि घोटाले के आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2021 से ही वित्तीय अनियमितताएं हो रही थीं। केजरीवाल ने कहा, ”भगवान राम के हर भक्त के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलेगी। आज पूरा देश यह जानना चाहता है कि वे ताकतवर लोग कौन हैं जिन्हें बचाया जा रहा है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को दबाने की कोशिश के तहत सबूत नष्ट किए जा रहे हैं और गवाहों को डराया-धमकाया जा रहा है। केजरीवाल ने उन दावों को खारिज कर दिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कथित अनियमितताओं के बारे में जानकारी नहीं थी। उन्होंने दावा किया, ”लोगों को भरोसा नहीं है कि प्रधानमंत्री को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि क्या हो रहा था। मंदिर ट्रस्ट का गठन उनकी अगुवाई में हुआ था और हर सदस्य उनकी पसंद का था। यह संभव नहीं है कि उनकी जानकारी के बिना इतने सालों तक ऐसी गतिविधियां चलती रहीं।”

केजरीवाल ने मंदिर के लिए जमीन की खरीद से जुड़े पुराने आरोपों का ज़क्रि करते हुए दावा किया कि ट्रस्ट ने भूखंड की खरीद वास्तविक कीमत से कहीं अधिक मूल्य पर की। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों के ठेकों में कमीशन दिया गया और दावा किया कि कई बार चढ़ावे की चोरी सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई।

केजरीवाल ने दावा किया कि चोरी की जो घटनाएं सामने आई हैं, वे महज बानगी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आठ महीने का सीसीटीवी फुटेज नष्ट कर दिया गया है। आप नेता ने जांच पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मामले की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम (एसआईटी) के पास कानूनी अधिकार नहीं है क्योंकि इसे प्राथमिकी दर्ज किए बिना ही गठित किया गया है।

केजरीवाल ने कहा कि एसआईटी न तो संदिग्धों को गिरफ्Þतार कर सकी, न ही तलाशी ले सकी और न ही समन जारी कर सकी। उन्होंने कहा कि ज़मीन से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के लिए बनाई गई पिछली एसआईटी भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई थी। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भले ही निचले स्तर के आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया और उनसे लगभग 80 लाख रुपये बरामद किए गए, लेकिन बड़ी वित्तीय गड़बड़ियों के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

केजरीवाल ने कहा,”हम यह आरोप नहीं लगा रहे हैं कि प्रधानमंत्री तक कोई पैसा पहुंचा। हमारे पास ऐसा दावा करने के लिए कोई सबूत नहीं है। लेकिन घटनाक्रम संकेत देते हैं कि इसमें संलिप्त लोगों को बचाने और पूरे मामले को दबाने की कोशिश की गई है।”

आप प्रमुख ने ंिहदू समुदाय के लोगों और श्रद्धालुओं से इस मुद्दे को उठाने की अपील की और कहा कि इन अनियमितताओं से भगवान राम के लाखों भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। राम मंदिर को मिले चंदे में कथित गबन का मामला सात जून को सामने आया था। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की शुरूआती रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई।

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