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40 साल बाद भारत के कोई पीएम न्यूजीलैंड पहुंचे; प्रधानमंत्री मोदी का दौरा क्यों अहम, क्या उम्मीदें?

न्यूजीलैंड : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूजीलैंड के दौरे पर हैं। करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा है। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच  ऑकलैंड में द्विपक्षीय वार्ता होगी। दोनों नेता व्यापार, निवेश, रक्षा, शिक्षा, सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे।

ऐसे में आइए जानते हैं कि इस देश में ऐसा क्या खास है? भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते कितने पुराने हैं? न्यूजीलैंड के लिए भारत क्यों महत्वपूर्ण होता जा रहा है? दोनों देशों के बीच किन क्षेत्रों में सहयोग है? व्यापारिक रिश्ते कैसे बढ़े? व्यापार के आंकड़े क्या बताते हैं? पहले किन नेताओं ने दौरा किया? पीएम मोदी का यह दौरा क्यों अहम माना जा रहा है?

क्यों खास है न्यूजीलैंड?

  • न्यूजीलैंड दक्षिण-पश्चिमी प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश है, जो ऑस्ट्रेलिया से करीब 1,600 किलोमीटर दूर है।
  • वर्ल्डओमीटर के अनुसार, यहां की आबादी लगभग 52.9 लाख (5,291,072) है।
  • यह दुनिया के सबसे विकसित देशों में शामिल है और बेहतर जीवन स्तर, पारदर्शी शासन, मानव विकास व नागरिक स्वतंत्रता के लिए जाना जाता है।
  • अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार, 2026 में न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था (GDP) लगभग 278.64 अरब डॉलर रहने का अनुमान है, जबकि आर्थिक वृद्धि दर 2.1% रहने की उम्मीद है।

भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते कितने पुराने हैं?

भारत और न्यूजीलैंड के संबंध लंबे समय से दोस्ताना रहे हैं। दोनों देश कभी ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा रहे हैं। दोनों कॉमनवेल्थ के सदस्य हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था, कॉमन लॉ, अंग्रेजी भाषा, खेलों और लोगों के बीच मजबूत संबंध जैसी कई समानताएं साझा करते हैं।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच राजनयिक संबंध 1952 में स्थापित हुए। हालांकि 1950 में ही दोनों देशों के बीच ट्रेड कमीशन की शुरुआत हो चुकी थी, जिसे बाद में हाई कमीशन का दर्जा दिया गया। समय के साथ दोनों देशों ने राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को लगातार आगे बढ़ाया है।

न्यूजीलैंड के लिए भारत क्यों महत्वपूर्ण होता जा रहा है?

न्यूजीलैंड भारत को तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था और दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देशों में से एक मानता है। भारत का बढ़ता वैश्विक प्रभाव, मजबूत अर्थव्यवस्था और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती भूमिका न्यूजीलैंड के लिए भारत की अहमियत लगातार बढ़ा रही है।

इसी वजह से न्यूजीलैंड ने 2011 में ‘भारत के लिए नए अवसर खोलने की नीति’ के तहत भारत को प्राथमिकता वाले देशों में शामिल किया। इसके बाद ‘न्यूजीलैंड-इंडिया रणनीति’ और ‘भारत-न्यूजीलैंड 2025: रिश्तों में निवेश’ जैसी रणनीतियों के माध्यम से दोनों देशों ने व्यापार, निवेश और आपसी सहयोग को और मजबूत करने का लक्ष्य तय किया।

दोनों देशों के बीच किन क्षेत्रों में सहयोग है?

  • दोनों देश व्यापार, निवेश, रक्षा, शिक्षा, पर्यटन, कृषि, तकनीक, स्वास्थ्य, संस्कृति और खेल जैसे क्षेत्रों में साथ काम कर रहे हैं।
  • दोनों देश संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन (WTO) और कॉमनवेल्थ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सदस्य हैं।
  • इसके अलावा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को लेकर भी दोनों देशों के साझा हित हैं।
  • रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। प्रथम विश्व युद्ध और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दोनों देशों के सैनिक एक साथ लड़े थे। अब दोनों देश रक्षा सहयोग और सैन्य संपर्क बढ़ाने पर भी काम कर रहे हैं।

व्यापारिक रिश्ते कैसे बढ़े?

  • मार्च 2025 में दोनों देशों ने व्यापक मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करने की घोषणा की थी और रिकॉर्ड नौ महीनों में 27 अप्रैल को इस समझौते को पूरा किया गया।
  • यह समझौता भारत के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी और साथ ही ओशिनिया व प्रशांत द्वीप देशों तक पहुंचने का रास्ता भी मजबूत होगा।
  • भारत से न्यूजीलैंड को दवाइयां, मशीनरी, वस्त्र, वाहन, कीमती पत्थर और आभूषण सहित कई उत्पाद निर्यात किए जाते हैं।
  • वहीं न्यूजीलैंड से भारत ऊन, लोहा-इस्पात, एल्युमीनियम, फल, मेवे, लकड़ी से जुड़े उत्पाद और अन्य सामान आयात करता है।
  • दोनों देश आईटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, शिक्षा, निर्माण, कृषि, खाद्य एवं पेय पदार्थ, एविएशन और तकनीकी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर तलाश रहे हैं।

एफटीए से क्या फायदा होगा?

  • इस समझौते के तहत भारत के 100% निर्यात पर आयात शुल्क खत्म हो जाएगा। इससे भारतीय उत्पाद न्यूजीलैंड के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
  • न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।
  • एग्रीकल्चरल प्रोडक्टिविटी पार्टनरशिप के तहत दोनों देश कृषि क्षेत्र में सहयोग करेंगे, जिससे किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और उन्हें वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़ने में मदद मिलेगी।
  • इस समझौते से एमएसएमई और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। वस्त्र, परिधान, चमड़ा, फुटवियर, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान और प्रोसेस्ड फूड जैसे श्रम-आधारित उद्योगों को जीरो-ड्यूटी एक्सेस का फायदा मिलेगा।
  • भारत ने न्यूजीलैंड के लिए 70.03% टैरिफ लाइनों पर बाजार खोलने की पेशकश की है, जबकि 29.97% टैरिफ लाइनों को समझौते से बाहर रखा गया है। यह हिस्सा न्यूजीलैंड के भारत के साथ होने वाले लगभग 95% द्विपक्षीय व्यापार को कवर करता है।
  • भारत ने कुछ संवेदनशील उत्पादों को इस समझौते से बाहर रखा है। इनमें डेयरी उत्पाद (दूध, क्रीम, पनीर, दही आदि), अधिकांश पशु उत्पाद, प्याज, चना, मटर, मक्का, बादाम जैसे कृषि उत्पाद, चीनी, कृत्रिम शहद, वनस्पति व पशु तेल, हथियार एवं गोला-बारूद, तांबा, एल्युमीनियम और उनसे बने कई उत्पाद शामिल हैं।
  • करीब 30% टैरिफ लाइनों पर समझौते के लागू होते ही शुल्क पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इसमें लकड़ी, ऊन, भेड़ का मांस और कच्चा चमड़ा जैसे उत्पाद शामिल हैं।
  • 35.60% टैरिफ लाइनों पर शुल्क 3, 5, 7 और 10 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा। इनमें पेट्रोलियम ऑयल, माल्ट एक्सट्रैक्ट, वनस्पति तेल, कुछ इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल मशीनरी तथा अन्य उत्पाद शामिल हैं।
  • लगभग 4.37% उत्पादों पर शुल्क पूरी तरह खत्म नहीं होगा, बल्कि उसमें कमी की जाएगी। इसमें वाइन, दवाइयां, पॉलिमर, एल्युमीनियम तथा लोहा-इस्पात से जुड़े कुछ उत्पाद शामिल हैं।
  • वहीं 0.06% उत्पादों पर टैरिफ रेट कोटा लागू होगा। इसमें मानुका शहद, सेब, कीवी फल और मिल्क एल्ब्यूमिन सहित कुछ विशेष उत्पाद शामिल हैं।

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Yogesh Mishra is a Reporter at Lok Pravakta, where they cover the latest developments across India with a commitment to factual, unbiased, and responsible journalism. Their reporting focuses on breaking news, government policies, politics, social issues, education, crime, business, health, technology, sports, and local developments. Every report is prepared after verifying information from reliable sources and presenting it in a clear and balanced manner. Areas of Coverage National News State & Local News Politics & Government Crime & Public Safety Business & Economy Education Health Technology Sports Entertainment Editorial Commitment The reporter follows the editorial standards of Lok Pravakta, emphasizing accuracy, fairness, transparency, and public interest. Every story is reviewed to ensure it meets professional journalistic practices. :contentReference[oaicite:0]{index=0} Contact Organization: Lok Pravakta Email: [email protected] Location: Raipur, Chhattisgarh, India Readers can follow this reporter's latest articles on Lok Pravakta for verified news, in-depth reporting, and timely updates on issues that matter to the public.

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